फ़िदेल x 100: विचारों और भावनाओं के संघर्ष की एक सदी
OSPAAAL से लेकर फ़िदेल x 100 तक, क्यूबा की क्रांतिकारी संस्कृति राजनीतिक चेतना का निर्माण, ऐतिहासिक स्मृति सहेजने और सीमाओं के पार एकजुटता का निर्माण करती रही है।

महत्त्वपूर्ण खनिजों पर क़ब्ज़े की साम्राज्यवादी होड़ बढ़ी है। सैन्य और औद्योगिक ज़रूरतों के बहाने ग्लोबल साउथ के देशों को पश्चिमी पूँजी पर निर्भर बनाया जा रहा है।

भविष्य का मतलब कैलेंडर में कोई आने वाली तारीख़ नहीं है। यह संघर्ष है, मानवता को पूँजीवाद की जकड़ से छुड़ाने का और उस राह चलने का जहाँ समस्याएँ सचमुच हल होंगी।



सांप्रदायिक-फासीवादी सत्ता के दबाव के कारण एक बार फिर विभाजन और भारत-पाकिस्तान संबंधों को नए नज़रिए से देखने का सिलसिला शुरू हुआ है।