हिंदी बुलेटिन

नवीनतम

अन्य न्यूज़लेटर

बुनियादी मुद्दों की अनदेखी का नतीजा है जेन-ज़ी आंदोलन

जागरूक युवाओं ने सड़क पर उतरकर ज़ाहिर कर दिया कि संचार के साधन भले ही बदल जाएँ, किंतु जनता के बुनियादी मुद्दे हमेशा प्रासंगिक बने रहते हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

अति निम्न मज़दूरी पर काम करते हैं ज़्यादातर प्रवासी श्रमिक

गाँवों में भुखमरी से पीड़ित अनेक कामगार शहर आते हैं और यहाँ किसी भी शर्त पर मज़दूरी करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

सड़कों पर उतरा युवा आक्रोश: जेन ज़ी दरअसल एक वर्ग-संघर्ष है

बेरोज़गारी और परीक्षा घोटालों से जूझ रहे भारतीय युवा अब दमन की परवाह किए बिना अपने हक़ और गरिमा की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

पहले खाद की किल्लत और अब मानसून की बेरुख़ी 

कम वर्षा तथा अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए खाद संकट से पैदावार में कमी आ सकती है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

ग्रामीण ग़रीबी से शहरी बेबसी तक

नोएडा के मज़दूर प्रायः बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के गाँवों के भूमिहीन परिवारों से आते हैं। इनमें से ज़्यादातर ने कम उम्र में ही मज़दूरी शुरू की।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

श्रम बेचने का अमानवीय ठौर है नोएडा: नोएडा इंडस्ट्रियल एरिया के मज़दूरों की सर्वे रिपोर्ट

उत्पादन प्रक्रिया का ज़रूरी हिस्सा होने के बावजूद मज़दूर न बचत कर पा रहे हैं, न ही आवास जैसी मूलभूत ज़रूरत पूरी कर पा रहे हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

आख़िर किसका प्रचार करती हैं प्रोपेगेंडा फ़िल्में

ऐसी फ़िल्में प्रायः समाज के ताक़तवर लोगों और सत्ता के पक्ष में तथा कमज़ोर-पीड़ित वर्ग के विरोध में होती हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

आख़िर किसका प्रचार करती हैं प्रोपेगेंडा फ़िल्में

ऐसी फ़िल्में प्रायः समाज के ताक़तवर लोगों और सत्ता के पक्ष में तथा कमज़ोर-पीड़ित वर्ग के विरोध में होती हैं।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें

ईरान पर हमलाः साम्राज्यवाद का घिनौना चेहरा

यूएस-इजराइल के मंसूबों को ध्वस्त करने के लिए वैश्विक दक्षिण के देशों को बीसवीं सदी के साम्राज्यवाद विरोधी सिद्धांतों के साथ आगे आना होगा।
आगे पढ़ेंPDF डाउनलोड करें