यूएस द्वारा वेनेज़ुएला की बोलिवेरियन क्रांति को पलटने की क़वायद जारी: पैंतालीसवाँ न्यूज़लेटर (2025)
बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों और ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ के ज़रिए ट्रम्प प्रशासन वेनेज़ुएला के लोगों पर हमले की ज़मीन तैयार कर रहा है।
वेनेज़ुएला के एंज़ोआतेगी में सुरक्षा इंतज़ामों के बीच तट पर खेलते बच्चे, 19 September 2025. साभार: रोसाना सिल्वा आर।
प्यारे दोस्तो,
ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान की ओर से अभिवादन।
सितंबर की शुरुआत से ही संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) ने संकेत देने शुरू कर दिए थे कि वह शायद वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। ट्राईकॉन्टिनेंटल: सामाजिक शोध संस्थान ने ALBA आंदोलन, अंतर्राष्ट्रीय पीपल्स असेंबली, नो कोल्ड वॉर और सिमोन बोलिवर इन्स्टिट्यूट के साथ मिलकर यूएस की कार्रवाई के संभावित स्वरूपों और परिणामों पर रेड अलर्ट नं. 20 The Empire’s Dogs Are Barking at Venezuela [साम्राज्यवाद के शिकारी कुत्ते वेनेज़ुएला पर भौंक रहे हैं] जारी किया है।
फ़रवरी 2006 में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन द्वारा दिया जाने वाला होसे मार्ती पुरस्कार ग्रहण करने हवाना गए थे। यह पुरस्कार उन्हें फ़िदेल कास्त्रो द्वारा दिया गया था। अपने भाषण में शावेज़ ने वेनेज़ुएला को वॉशिंगटन से ख़तरे को कुत्तों के भौंकने जैसा कहा था ‘कुत्तों को भौंकने दो, इससे पता चलता है कि हम आगे बढ़ रहे हैं’। शावेज़ ने यह भी कहा ‘साम्राज्यवाद के कुत्तों को भौंकने दो। उनका यही काम है, भौंकना। हमारा काम है इसी सदी में अपने लोगों को सच्ची मुक्ति दिलाने की लड़ाई लड़ना’। इस बात को लगभग दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन साम्राज्यवाद के शिकारी कुत्तों का भौंकना अब भी जारी है। पर क्या ये काटेंगे भी? इसी सवाल का जवाब यह रेड अलर्ट देने की कोशिश कर रहा है।
गुर्राहट
फ़रवरी 2025 में यूएस के विदेश मंत्रालय ने एक आपराधिक नेटवर्क Tren de Aragua (आरगुआ ट्रेन) को एक ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया। फिर जुलाई में यूएस वित्त मंत्रालय ने तथाकथित Cartel de los Soles (कार्टेल ऑफ़ द सनस्) को विदेशी परिसंपत्तियों के नियंत्रण विभाग की प्रतिबंध फ़ेहरिस्त में एक ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी समूह’ के रूप जोड़ दिया। इससे पहले ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) या विदेश मंत्रालय सहित यूएस की किसी भी सरकारी रिपोर्ट में नहीं कहा गया कि इस संगठनों से कोई ख़तरा है। साथ ही इन दोनों संगठनों की व्यापकता या संगठित कार्यप्रणाली के बारे में जो दावे किए गए उन्हें साबित करने के लिए कोई ऐसे सबूत पेश नहीं किए गए जिनकी सार्वजनिक रूप से जाँच की जा सके। ऐसा कोई सबूत नहीं जिससे साबित होता हो कि Tren de Aragua सुसंगठित रूप से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करता है। जहाँ तक Cartel de los Soles की बात है तो यह नाम पहली बार 1993 में सामने आया जब वेनेज़ुएला में दो नेशनल गार्ड जनरलों की जाँच के संबंध में एक रिपोर्ट पेश हुई। इसमें उन जनरलों की वर्दी पर ‘सूरज’ का चिह्न होने की बात की गई थी। यह रिपोर्ट 1998 में ह्यूगो शावेज़ के जीत हासिल कर राष्ट्रपति बनने से बहुत पहले की घटना है। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि ये प्रमुख गिरोह हैं जो वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ मिलकर यूएस में ड्रग्स पहुँचाते हैं, जबकि इस आरोप के पक्ष में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किए हैं। ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) और ख़ुद डीईए की रिपोर्टों में लगातार बताया गया है कि दुनिया में ड्रग्स के व्यापार में शामिल समूहों में वेनेज़ुएला के गिरोह बहुत ही कम संख्या में हैं। इसके बावजूद यूएस विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि मादुरो की गिरफ़्तारी के लिए दी जाने वाले सूचना के लिए 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा – इससे पहले कभी इतना बड़ा इनाम नहीं रखा गया।
वेनेज़ुएला के कराकस में कमांड एक्शन ग्रुप में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद क्रांतिकारी प्रतिरोध की सामरिक विधि (एमटीआरआर) पाठ्यक्रम के पहले समूह के सदस्य। साभार: मिगुएल एंजेल गार्सिया ओजेडा।
यूएस ने एक बार फिर ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ [ड्रग्स के ख़िलाफ़ जंग] के अपने पुराने हथकंडे का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। यह उन देशों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा रहा है जो यूएस की धमकियों के आगे या तो झुक नहीं रहे या जिनकी जनता दृढ़ता से दक्षिणपंथी ताक़तों को सत्ता से बाहर रख रही है। हाल ही में ट्रम्प ने मेक्सिको और कोलंबिया को निशाना बनाया है और नशीले पदार्थों से निपट पाने में इन देशों की असमर्थता का इस्तेमाल इनके राष्ट्रपतियों पर हमला करने के लिए कर रहा है। हालाँकि ड्रग्स की समस्या वेनेज़ुएला के अंदर ख़ास नहीं है लेकिन फिर भी ट्रम्प, मादुरो सरकार के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने से बाज़ नहीं आ रहे। अक्टूबर 2025 में Vente Venezuela (चलो वेनेज़ुएला) पार्टी की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने नोबेल शांति पुरस्कार जीता। 2024 में राष्ट्रपति पद चुनाव लड़ने के लिए मचाडो पर प्रतिबंध इसलिए लगा क्योंकि उन्होंने कई देशद्रोहपूर्ण वक्तव्य दिए – इनमें यूएस से वेनेज़ुएला का अतिक्रमण करने का आह्वान भी शामिल था। इसके साथ ही उन्होंने guarimbas को भी समर्थन दिया था। यह एक हिंसक प्रदर्शन था जिसमें लोगों को पीटा गया, ज़िंदा जला दिया गया और उनके सिर कलम किए गए। मचाडो वेनेज़ुएला पर यूएस के उन एकतरफ़ा प्रतिबंधों का भी समर्थन करती हैं जिनकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद हुई। उन्हें शांति पुरस्कार दिलाने के लिए मेहनत की है इन्स्पाइयर अमेरिका फ़ाउंडेशन (फ़्लॉरिडा की मियामी स्थित संस्था जिसे क्यूबाई अमेरिकी वकील मार्सेल फ़लीपे चलाते हैं) और चार यूएस राजनेताओं ने, जिनमें से तीन क्यूबाई अमेरिकी थे (मारकों रूबीओ, मारिया एल्वीरा सालज़ार और मारियो डीआज़-बलार्ट)। यहाँ क्यूबाई अमेरिकी ध्यान देने वाली बात है। इससे पता चलता है कि क्यूबा क्रांति को हर हाल में पलटने की इच्छा रखने वाला यह राजनीतिक नेटवर्क अब वेनेज़ुएला में यूएस के सैन्य हस्तक्षेप को क्यूबा में सत्ता बदलने के एक हथियार के तौर पर देख रहा है। इसीलिए यह सिर्फ़ वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं है बल्कि उन तमाम सरकारों के ख़िलाफ़ उठाया गया क़दम है जिन्हें यूएस गिराना चाहता है।
वेनेज़ुएला के कराकस के पेटारे इलाक़े में सुरक्षा इंतज़ामों के दौरान एक बंदूकधारी महिला। 15 अक्टूबर 2025। साभार: रोसाना सिल्वा आर।
आक्रमण
अगस्त 2025 में यूएस सेना ने दक्षिण कैरिबियन में नौसेना को इकट्ठा करना शुरू कर दिया, इनमें एजिस युद्धपोत मिसाइल विध्वंसक और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियाँ शामिल हैं। सितंबर में यूएस सेना ने कैरिबियन सागर में छोटी मोटरबोटों पर ग़ैर-क़ानूनी हमले करने का अभियान छेड़ दिया। इस दौरान कम-से-कम तेरह नावों पर बमबारी की गई और सत्तावन लोगों का मार दिया गया – इन मामलों में कोई ऐसे सबूत पेश नहीं किए गए जिनसे साबित हो कि ये ड्रग्स ले जा रहे थे। अक्टूबर मध्य तक आते-आते यूएस ने वेनेज़ुएला के तट के पास चार हज़ार से भी ज़्यादा सैन्य टुकड़ियाँ तैनात कर दीं और अतिरिक्त पाँच हज़ार पोर्तो रिको में (इनमें F-35 लड़ाकू विमान और MQ-9 रीपर ड्रोन भी शामिल हैं)। साथ ही देश के भीतर ख़ुफ़िया अभियानों को भी अनुमति दी और कराकस के ऊपर से ‘शक्ति प्रदर्शन’ के लिए B-52 विमान उड़ाया गया। अक्टूबर के अंत में यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड कैरियर स्ट्राइक का बेड़ा इस क्षेत्र में तैनात कर दिया गया। इस सबके बीच वेनेज़ुएला की सरकार ने अपनी जनता को देश की रक्षा के लिए लामबंद किया।
लड़ाकू कृषकों (Milicia Campesina) समूह की एक महिला एमटीआरआर से योद्धा का कोर्स पूरा करने के समारोह के दौरान मशेटी (एक प्रकार का चाकू) थामे, अक्टूबर 2025। साभार: रोसाना सिल्वा आर।
यूएस हस्तक्षेप की पाँच संभावित स्थितियाँ
एक: ब्रदर सैम विकल्प – 1964 में यूएस ने ब्राज़ील के तट पर कई युद्धपोत तैनात किए थे। इनकी मौजूदगी से आर्मी जनरल स्टाफ़ प्रमुख जनरल हमबेरतो दे अलेंकर कस्टेलो ब्रांको और उनके सहयोगियों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने सैन्य तख़्तापलट किया। इसके बाद देश में इक्कीस साल तक तानाशाही शासन रहा। लेकिन वेनेजुएला की परिस्थितियाँ अलग हैं। शावेज़ ने अपने पहले कार्यकाल में सैन्य अकादमियों में राजनीतिक शिक्षा को काफ़ी मज़बूत किया और अफ़सरों के प्रशिक्षण को 1999 के संविधान की रक्षा के साथ जोड़ा। इसलिए वॉशिंगटन की सहायता के लिए कस्टेलो ब्रांको जैसे किसी व्यक्ति का उभर पाना नामुमकिन है।
दो: पनामा विकल्प – 1989 में यूएस ने पनामा शहर पर बमबारी की और पनामा के सैन्य नेता मैन्वेल नॉरीएगा को गिरफ़्तार करने के लिए विशेष ऑपरेशन सैन्य टुकड़ी भेजी। मैन्वेल को पकड़कर यूएस की जेल में भेज दिया गया और पनामा की सत्ता पर यूएस समर्थित राजनेता आ बैठे। इस तरह का कोई अभियान वेनेज़ुएला में दोहराना मुश्किल होगा: इसकी सेना पनामा से कहीं ज़्यादा सशक्त है, यह दीर्घकालिक, बहुआयामी लड़ाइयाँ लड़ने के लिए प्रशिक्षित है और वेनेज़ुएला के पास बहुत आधुनिक हवाई सुरक्षा प्रणाली है (ख़ासतौर से रूसी S-300VM और Buk-M2E धरातल से हवाई हमला करने वाली प्रणाली)। अगर यूएस हवाई हमला करता है तो उसका मुक़ाबला वेनेज़ुएला लंबे समय तक कर सकता है। हो सकता है यूएस के विमान भी गिरा दिए जाएँ जो उसके लिए काफ़ी शर्म की बात होगी और वॉशिंगटन ऐसा हरगिज़ नहीं चाहेगा।
तीन: इराक विकल्प – कराकस और अन्य शहरों पर ‘अचानक और भारी’ बमबारी की जा सकती है ताकि वहाँ की जनता घबरा जाए और राष्ट्र तथा सेना निराश हो जाए। इसके बाद वेनेज़ुएला के शीर्ष नेतृत्व की हत्या के प्रयास किए जा सकते हैं और प्रमुख इंफ़्रास्ट्रक्चर पर क़ब्ज़ा किया जा सकता है। ऐसे हमले के बाद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो सत्ता सँभालने की पेशकश करेंगी और वेनेज़ुएला को यूएस के इशारे पर चलाएँगी। इस विकल्प में कमी यह है कि बोलिवेरियन नेतृत्व की पैठ बहुत गहरी है: बोलिवेरियन क्रांति की सुरक्षा की जड़ें श्रमिक वर्ग के शहरों-क़स्बों तक हैं और इराक की तरह यहाँ की सेना भी इतनी आसानी से निराश नहीं होने वाली। जैसा कि वेनेज़ुएला के गृहमंत्री डिओसडाडो कैबेलो ने हाल ही में कहा ‘हर किसी को वियतनाम याद रखना चाहिए… जब एक छोटी लेकिन बुलंद इरादों वाली संगठित जनता ने यूएस साम्राज्यवाद को सबक़ सिखाया था’।
बोलिवेरियन राष्ट्रीय पुलिस के कमांडर जनरल, ब्रिगेडियर जनरल रूबेन सैंटियागो, पेटारे में एक सुरक्षा तैनाती के दौरान शावेज़ की आँखों वाला स्टिकर लगी राइफल पकड़े हुए हैं। क्रेडिट: रोसाना सिल्वा आर।
चार: टोंकिन खाड़ी विकल्प – 1964 में वियतनाम युद्ध के दौरान यूएस ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज़ की। वियतनाम के तट के पास यूएस युद्धपोत पर अकारण हमले को इसकी वजह बताया गया। बाद में ख़ुलासा हुआ कि यूएस की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (एनएसए) ने हालात बिगाड़ने के लिए सूचनाएँ गढ़ी थीं। यूएस दावा कर रहा है कि वह वेनेज़ुएला की जल और वायु सीमा के क़रीब नौसेना और वायुसेना को प्रशिक्षण दे रहा है। 26 अक्टूबर को वेनेज़ुएला की सरकार ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सीआईए त्रिनिदाद और टोबैगो के पास यूएस के जहाज़ों पर छद्म हमला करने की योजना बना रहा है जिससे यूएस को जवाबी कार्रवाई करने का मौक़ा मिल सके। वेनेज़ुएला प्रशासन ने यूएस को इन हरकतों के ख़िलाफ़ चेतावनी देते हुए कहा है कि वह इस तरह उकसाने या डराने के हथकंडों के सामने घुटने नहीं टेकेगा।
पाँच: क़ासिम सुलेमानी विकल्प – जनवरी 2020 में ट्रम्प के आदेश पर एक यूएस ड्रोन हमले में इरान की कुर्द फ़ोर्स के प्रमुख, मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या कर दी गई। सुलेमानी ईरान के शीर्ष अधिकारियों में से एक थे। साथ ही इराक, लेबनान, ग़ज़ा और अफ़ग़ानिस्तान के पूरे क्षेत्र में ईरान की क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति की ज़िम्मेदारी उन पर थी। 60 सेकंड कार्यक्रम में दिए एक साक्षात्कार में वेनेज़ुएला मामलों के यूएस प्रमुख जेम्स स्टोरी ने कहा ‘युद्धपोतों के वहाँ तैनात होने का उद्देश्य है कि सरकार का सिर कलम करने सहित सब उपाय किए जा सकें’ – वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति की हत्या करने की मंशा इस वक्तव्य में साफ़ है। 2013 में राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ की मौत के बाद यूएस अधिकारियों का अंदाज़ा था कि अब यह राजनीतिक प्रक्रिया धराशायी हो जाएगी। बारह साल गुज़र चुके हैं और वेनेज़ुएला अब भी शावेज़ के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उनका तैयार किया सामूहिक मॉडल अब भी बरकरार है जो न सिर्फ़ क्रांति के नेताओं पर टिका है बल्कि एक सशक्त लोकप्रिय संगठन पर भी आधारित है। बोलीवेरियन क्रांति कभी भी एक नायक के विचार पर आधारित नहीं थी।
यह मुमकिन नहीं कि चीन और रूस वेनेज़ुएला पर हमला होने दें और तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कोई प्रस्ताव नहीं लाएँ। ये दोनों देश नियमित रूप से कैरिबियन सागर में अभियान चलाते हैं, इसमें क्यूबा के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास और चीन के मिशन हार्मनी 2025 जैसे वैश्विक मिशन शामिल हैं।
वेनेज़ुएला के सोशलिस्ट यूथ संगठन का एक सदस्य ला गुएरा में सुरक्षा तैनाती के दौरान एमटीआरआर कोर्स के स्नातकों को दिया एक सिक्का दिखाते हुए। वियतनामी जनरल वो न्गुयेन जियाप की विधियों पर आधारित, यह कोर्स बिना किसी सैन्य अनुभव वाले लोगों को गुरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण देता है। साभार: रोसाना सिल्वा आर
हम उम्मीद करते हैं कि इनमें से कोई भी संभावित स्थिति सच का रूप न ले और यूएस अपनी सैन्य कार्रवाइयाँ बंद कर दे। लेकिन सिर्फ़ उम्मीद ही काफ़ी नहीं है – हमें शांति के हक़ में खड़े होने वालों को लामबंद करना होगा।
स्नेह सहित,
विजय